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साथ निभाएं आजीवन हारा हुआ नव पथ रामकृपा ढलती वय समस्याएं निज पथ का ज्योति के वाहक बाधाओं को ठुकराते ही चलें। कविता नर मर्यादा शुभता सुंदरता दर्द दवा प्रफुल्लित रखना है मन नारी का उद्धार दृढ़ निश्चय अपनों का इंतजार युवा काल एकं दूजे के इकलौते साथी निर्वहन

Hindi पथ शुभता का Poems